Skip to main content

Arihant Publication CBSC Class 12th Term II Books Download Pdf All Subjects

Principles of Reduce Reuse Recycle in Plastic Waste Management Essay in hindi

Principles of Reduce Reuse Recycle in Plastic


Principles of Reduce Reuse Recycle in Plastic Waste Management Essay in Hindi

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में पुन: उपयोग को कम करने के सिद्धांत हिंदी में निबंध

 "प्लास्टिक के इस्तेमाल ना करने के प्रति जागरूकता फैलाएं, 
देश को प्लास्टिक अपशिष्ट से मुक्त करवाए"

प्रस्तावना:

दोस्तों, आज प्लास्टिक अपशिष्ट का बढ़ता अंबार मानवीय सभ्यता के लिए सबसे बड़े संकट के रूप में उभर रहा है। आज प्लास्टिक हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक ऐसा हिस्सा बन गया है जिसे हम अपने से अलग नहीं कर सकते। आज हमारे फल, सब्जियों, बच्चों के दूध पीने की बोतलें, पानी की बोतलें और भी बहुत सारी चीजें पूरी तरह से प्लास्टिक पर निर्भर है। लेकिन जो प्लास्टिक हमने अपनी सुविधा के । लिए अविष्कार किया था आज वो हमारे पर्यावरण के लिए नासूर बन गया है। समुद्र हो या नदियां, पहाड हो या कोई खाली मैदान हर जगह प्लास्टिक का 

अपशिष्ट देखने को मिल रहा है। दोस्तों, प्लास्टिक को नष्ट होने में हजारों साल लग जाते हैं और यह समुद्र, नदियों में पड़ा रहकर हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता रहता है। तो प्लास्टिक के पर्यावरण पर होने वाले नुकसान को देखते हुए जरूरी है कि प्लास्टिक अपशिष्ट को कम करने के प्रति कदम उठाए जाए। 

दोस्तों, आज पुनः उपयोग करना, कम करना और रीसाइकल करना जैसे तीनों सिद्धांतों से सब परिचित हैं। ये तीनों सिद्धांत हमारे पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। तो अगर आज हम पुनः उपयोग, कम करना और रीसाइकल जैसे तीनों सिद्धांतों का सही तरह से पालन करेंगे तो हम प्लास्टिक अपशिष्ट से होने वाले हानिकारक प्रभावों को कम कर सकते हैं। 

पहला सिद्धांत कम करना (Redunce) 

दोस्तों, प्लास्टिक अपशिष्ट को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है प्लास्टिक को पहले बनाया ही ना जाए। अगर हम प्लास्टिक का इस्तेमाल करना कम कर देंगे तो परिणामस्वरूप प्लास्टिक अपशिष्ट में भी कमी होगी। आज हम पानी पीने के लिए प्लास्टिक से बनी बोतलें इस्तेमाल करते हैं और इस बोतल को रीसाइकल भी किया जा सकता है, लेकिन यह बेहतर है कि हम इन्हें इस्तेमाल ही ना करे जिससे धरती से प्लास्टिक की सामग्री, इसे बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली उर्जा बचेगी। 

इसके अलावा अगर प्लास्टिक को कम करना है तो समझदारी अपनानी होगी। जैसे एक महीने में दो बोतल शैम्पू की ना खरीद कर एक बड़ी बोतल खरीदे। इससे दूरी शैम्पू की बोतल बनाने के लिए प्लास्टिक भी बचेगा और पैकेजिंग की सामग्री भी बचेगी। तो समझदारी और सावधानी से अगर हम प्लास्टिक का उपयोग करेंगे तो काफी हद तक हम प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी ला सकते हैं।


 दूसरा सिद्धांत- पुनः उपयोग ( Reurse) 

आज प्लास्टिक का अपशिष्ट हमारे पर्यावरण के लिए सबसे बडे संकट के रूप में उभर रहा है। तो ऐसे में अगर प्लास्टिक अपशिष्ट को कम करना है तो हमें प्लास्टिक के पुनः उपयोग पर जोर देना होगा। आज हमें प्लास्टिक को फेंकने की बजाय उसमे रचनात्मक तरीके से बदलाव करके उसे बार बार उपयोग में लाना होगा। 

जैसे अगर हमारे पास प्लास्टिक के कुछ अनुपयोगी डिब्बे है तो हम उन डिब्बों में बगीचे में फूल लगा सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई प्लास्टिक की चीज हमारे लिए उपयोगी नहीं है तो उसे फेंकने के बजाय किसी ओर को दे क्योंकि कुछ चीजें जो हमें व्यर्थ लगती है वो दूसरों के लिए बहुत उपयोगी होती है। तो दोस्तों, अगर हम प्लास्टिक का पुनः उपयोग करेंगे तो इससे नये प्लास्टिक के निर्माण में कमी होगी और प्लास्टिक अपशिष्ट का भी सही प्रबंध होगा।

 तीसरा सिद्धांत- पुनर्चक्रण ( Recycle)

 वर्तमान में प्लास्टिक आधुनिक जीवन की जरूरत है मगर यह प्रदूषण का भी बहुत बड़ा कारण है। लेकिन थोड़ी सी योजना, समझदारी और प्रयास के साथ आज हम प्लास्टिक प्रदूषण को काफी हद तक कम कर सकते हैं। 

आज रीसाइक्लिंग की मदद से पृथ्वी का कचरा काफी कम होता है। तो रीसाइक्लिंग से प्लास्टिक के प्रदूषण को भी खत्म किया जा सकता है। दोस्तों, रीसाइक्लिंग में प्लास्टिक को छोटे छोटे ब्लाक में तोड़कर उनसे नये नये पदार्थ बनाये जाते हैं और इस्तेमाल किये जाते है। इससे प्लास्टिक के कचरे को दोबारा उपयोग करने लायक बना दिया जाता है।

निष्कर्ष 

तो दोस्तों, ये सच है कि प्लास्टिक हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है और यह पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है लेकिन पुनः उपयोग, कम करना और रीसाइकल के सिद्धांतों से प्लास्टिक अपशिष्ट का अच्छे से प्रबंध किया जा सकता है। तो अब समय आ गया है कि हम प्लास्टिक अपशिष्ट को खत्म करके अपनी धरती को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की ओर कदम बढ़ाए। 

"धरती और पर्यावरण को है बचाना, 
तो प्लास्टिक को फेंकना नहीं पुनः उपयोग में लाना।"



प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को कम करने के सिद्धांत


प्लास्टिक एक सर्वव्यापी पदार्थ ओ मारी भूमि और महालागरी में कैलकर उन्हें पुषित करता है और हमारे स्वास्थय संबंधी तनाव में इजाफा करता है। मास्टिक का उपींग वर्तमान में चल रही स्वास्थय आपातकाल जैसी स्थिति के कारण बढ़ गया है क्योंकि दस्ताने , 

भारत से लेकर बॉडी सूट तक से प्लास्टिक प्रोटेक्शन गियर कॉविड - महत्वपूर्ण भूमिका अवश्य निना रहे है लेकिन अगर इस गैडिकल कचरे की ठीक से नियन्तित प्रधित नहीं किया गया तो यह हमारे शहरों के कूड़े के पहाडो' की संख्या में पाफा ही कारगा ! अब प्लास्टिक का उत्णयन किया जाता तों से जीन और विनाइल हाइड्रोक्लोराइड जैसे टोठिसक सामग्री से बनाया जाता है इन रसायनी का उपयोग कसर का कारण बन सकता है ।

 अत: आप के समय में ही बंद और इसके लिए बैहर उपाय किया जाए। प्लास्टिक की  का पूरा किस्सा पुनर्चका . पुन: उपयोग और असायकल असे शटयों में सन्निहित है। हालांकि यह बात अलग है कि इसका अर्थ सबकी समझ से परे है। किंतु उद्योग जगत में एक लार किर नीति निर्माताओं को यह समझाने में कामयाबी हासिल कर ली कि स्टिक कचरा कोई समस्या नही है कि हम लगभग हर चीज को पुन: उपयोग कर सकते हैं। 

उदाहरण शीतल, पेय पदार्य की प्लास्टिव) की बोती की पिक्षमा कर उसे हास्टिक की कुर्सियों या मनों के रूप में ढाला अगर घ्य चाटे तो पुनर्चक्र०घर से भी शुरू कर सकते हैं भदि आप अपने पुराने उत्पाद की फेकना नहीं चाहें तो इसके बनाय आप इससे कुछ नया उपयोग कर रहे , तो आप वास्तव यह आवश्यक आता है कि प्लास्टिक का प्रचलन 49 जा सकता है। मे पुचकारण कर रहें हैं। शैसाइक्लिंग की गदद से पृथ्वी का कचरा कम होग है इसका एक अन्य कारण यह ", 

कि चीनी को बनाने में उपयोग की जाने वाली कच्ची सामग्री और अली की मात्रा में कम खपत होती है । पुनः चक्रण का अर्थ है कि हम प्लास्टिक , कागण , काँच, धातु की वस्तु तथा ऐमैं ही पार्टी का पुनःचन करले उपयोगी वस्तुर बना सकते हैं। अब तक अति आवश्यक गौं इन वस्तुओं का नया उत्पायन विवेकपूर्ण नहीं है। 

अतः प्लास्टिक पृषण को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कयम यह है कि में प्लास्टिक के उपर्योग से बचना चाहिए। क्योंकि प्राकृतिक सुंदरता मारे लिए एक विरासत हैं । हम भनी प्रकृति का एक हिस्सा है और यह भारी जिम्मेदारी है कि, हम कचरे के खतरनाक प्रभावों से प्रकृति को कैसे बचाएं। प्रकृति को बचाने के लिए कच्चे को जग उत्पन्न करे और उसके प्रधान पर ज्यादा ध्यान दे । 




 THANK YOU SO MUCH 


Comments

  1. Watch and Download world's famous Turkish action drama Kurulus Osman Season 3 in English on link below
    👇
    Kurulus Osman Season 3

    Kurulus Osman Season 3 Episode 1
    On link below
    Kurulus Osman Season 3 Episode 1

    Crypto trading course
    Join on link below
    Crypto quantum leap

    YouTube course
    Be a professional YouTuber and start your carrier
    Tube Mastery and Monetization by matt

    Best product for tooth pain ,
    Cavity ,
    Tooth decay ,
    And other oral issues
    Need of every home
    With discount
    And digistore money back guarantee
    Steel Bite Pro

    ReplyDelete
  2. Nice Post!
    Plastic waste management is an initiative to control the amount of plastic waste in the environment by adopting a circular economy and other environmental-friendly disposal solutions. We are Plastic EPR Service providers with the facility of Collection, Transportation, and Disposal Facilities all over India.
    https://www.zerowasterecycler.com/plastic-waste-management/

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

2047 में मेरे सपनो का भारत कैसा होगा पर निबंध

  2047 में मेरे सपनो का भारत कैसा होगा पर निबंध "भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था होगी, प्यार और सद्भाव पर आधारित। " 15 अगस्त 1947 को हमारे देश भारत को अंग्रेजों की 200 साल की गुलामी से आजादी मिली थी। आजादी के 75 साल पूरे होने वाले हैं। इस मौके पर पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। 25 साल बाद साल 2047 में देश को आजादी मिले 100 साल हो जाएंगे। आने वाले 25 साल देश के लिए अमृत काल हैं। हालांकि देश पिछले 75 वर्षों से निरंतर विकास के पथ पर है, लेकिन आने वाले 25 वर्षों में हम भारतीयों को उतना ही शक्तिशाली बनना होगा जितना हम पहले कभी नहीं थे।   वर्ष 2047 के संबंध में, हमें एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करने के बाद हम भारत को कहां देखते हैं। इसके लिए सभी को मिलकर देश के विकास के लिए काम करना होगा ताकि हमारे अंदर एकता की भावना पैदा हो और खंडित सोच से मुक्ति मिल सके। वस्तुतः इस 'अमृत काल' का लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जिसमें सभी आधुनिक हों। दुनिया का बुनियादी ढांचा, ताकि हम विकास के पथ पर आगे बढ़ सकें। तो अब हम सब का कर्तव्य है कि हम

My vision for India in 2047 postcard

  My vision for India in 2047 postcard  Respective prime minister Mr Narendra Modi Ji We all have many dreams but the freedom fighters of India should have had a lot of dreams  When they fought for freedom for our country I dreamed as I'm a freedom fighter that my dreams would be the same as this like or my people should be free from slavery  But now the slavery is in many forms like women's harassment poverty unemployment kids education elders struggle to live in this unkind world and many more struggle in India  I remember what Gandhiji told India will get full freedom only when women walkout at midnight and return home safely without any harm  So I pray to god that India should be a peaceful nation in the whole world and the leaders who rule our country should be praised and feel jealous. Regards   Name - Class - Roll no- Also read:  2047 में मेरे सपनो का भारत कैसा होगा पर निबंध My vision for India in 2047 postcard  Hon'ble Prime minister Modi Ji. The next 25 years will

Do Epic Shit by Ankur Warikoo book pdf download | BOOK REVIEW

  Click here to download the pdf  Do Epic Shit by Ankur Warikoo book pdf download Details of  Do Epic Shit Book Name:   Do Epic Shit Authors:   Ankur Warikoo Pages:  312  Publish Date:     27 December 2021 Language:  English Genre : Self-help book Book Review  If you watch a lot of content on youtube then you might have come across Ankur various videos with over one million subscribers on youtube uncle varicose has created quite a name for himself  So when he announced the release of his first book Do epic Shit, fans including me were ecstatic did the book live up to my expectations is it worth the hype  Ankur Warikoo is an entrepreneur a highly sought after public speaker angel investor a very popular YouTuber and the founder of nearby.com  His content is deep witty and brutally honest his thoughts on success and failure productivity money and finances investing relationships appeal to people across all ages and perhaps that is why he is one of India's top YouTubers  Do Epic