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Principles of Reduce Reuse Recycle in Plastic Waste Management Essay in hindi

Principles of Reduce Reuse Recycle in Plastic


Principles of Reduce Reuse Recycle in Plastic Waste Management Essay in Hindi

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में पुन: उपयोग को कम करने के सिद्धांत हिंदी में निबंध

 "प्लास्टिक के इस्तेमाल ना करने के प्रति जागरूकता फैलाएं, 
देश को प्लास्टिक अपशिष्ट से मुक्त करवाए"

प्रस्तावना:

दोस्तों, आज प्लास्टिक अपशिष्ट का बढ़ता अंबार मानवीय सभ्यता के लिए सबसे बड़े संकट के रूप में उभर रहा है। आज प्लास्टिक हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक ऐसा हिस्सा बन गया है जिसे हम अपने से अलग नहीं कर सकते। आज हमारे फल, सब्जियों, बच्चों के दूध पीने की बोतलें, पानी की बोतलें और भी बहुत सारी चीजें पूरी तरह से प्लास्टिक पर निर्भर है। लेकिन जो प्लास्टिक हमने अपनी सुविधा के । लिए अविष्कार किया था आज वो हमारे पर्यावरण के लिए नासूर बन गया है। समुद्र हो या नदियां, पहाड हो या कोई खाली मैदान हर जगह प्लास्टिक का 

अपशिष्ट देखने को मिल रहा है। दोस्तों, प्लास्टिक को नष्ट होने में हजारों साल लग जाते हैं और यह समुद्र, नदियों में पड़ा रहकर हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता रहता है। तो प्लास्टिक के पर्यावरण पर होने वाले नुकसान को देखते हुए जरूरी है कि प्लास्टिक अपशिष्ट को कम करने के प्रति कदम उठाए जाए। 

दोस्तों, आज पुनः उपयोग करना, कम करना और रीसाइकल करना जैसे तीनों सिद्धांतों से सब परिचित हैं। ये तीनों सिद्धांत हमारे पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। तो अगर आज हम पुनः उपयोग, कम करना और रीसाइकल जैसे तीनों सिद्धांतों का सही तरह से पालन करेंगे तो हम प्लास्टिक अपशिष्ट से होने वाले हानिकारक प्रभावों को कम कर सकते हैं। 

पहला सिद्धांत कम करना (Redunce) 

दोस्तों, प्लास्टिक अपशिष्ट को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है प्लास्टिक को पहले बनाया ही ना जाए। अगर हम प्लास्टिक का इस्तेमाल करना कम कर देंगे तो परिणामस्वरूप प्लास्टिक अपशिष्ट में भी कमी होगी। आज हम पानी पीने के लिए प्लास्टिक से बनी बोतलें इस्तेमाल करते हैं और इस बोतल को रीसाइकल भी किया जा सकता है, लेकिन यह बेहतर है कि हम इन्हें इस्तेमाल ही ना करे जिससे धरती से प्लास्टिक की सामग्री, इसे बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली उर्जा बचेगी। 

इसके अलावा अगर प्लास्टिक को कम करना है तो समझदारी अपनानी होगी। जैसे एक महीने में दो बोतल शैम्पू की ना खरीद कर एक बड़ी बोतल खरीदे। इससे दूरी शैम्पू की बोतल बनाने के लिए प्लास्टिक भी बचेगा और पैकेजिंग की सामग्री भी बचेगी। तो समझदारी और सावधानी से अगर हम प्लास्टिक का उपयोग करेंगे तो काफी हद तक हम प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी ला सकते हैं।


 दूसरा सिद्धांत- पुनः उपयोग ( Reurse) 

आज प्लास्टिक का अपशिष्ट हमारे पर्यावरण के लिए सबसे बडे संकट के रूप में उभर रहा है। तो ऐसे में अगर प्लास्टिक अपशिष्ट को कम करना है तो हमें प्लास्टिक के पुनः उपयोग पर जोर देना होगा। आज हमें प्लास्टिक को फेंकने की बजाय उसमे रचनात्मक तरीके से बदलाव करके उसे बार बार उपयोग में लाना होगा। 

जैसे अगर हमारे पास प्लास्टिक के कुछ अनुपयोगी डिब्बे है तो हम उन डिब्बों में बगीचे में फूल लगा सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई प्लास्टिक की चीज हमारे लिए उपयोगी नहीं है तो उसे फेंकने के बजाय किसी ओर को दे क्योंकि कुछ चीजें जो हमें व्यर्थ लगती है वो दूसरों के लिए बहुत उपयोगी होती है। तो दोस्तों, अगर हम प्लास्टिक का पुनः उपयोग करेंगे तो इससे नये प्लास्टिक के निर्माण में कमी होगी और प्लास्टिक अपशिष्ट का भी सही प्रबंध होगा।

 तीसरा सिद्धांत- पुनर्चक्रण ( Recycle)

 वर्तमान में प्लास्टिक आधुनिक जीवन की जरूरत है मगर यह प्रदूषण का भी बहुत बड़ा कारण है। लेकिन थोड़ी सी योजना, समझदारी और प्रयास के साथ आज हम प्लास्टिक प्रदूषण को काफी हद तक कम कर सकते हैं। 

आज रीसाइक्लिंग की मदद से पृथ्वी का कचरा काफी कम होता है। तो रीसाइक्लिंग से प्लास्टिक के प्रदूषण को भी खत्म किया जा सकता है। दोस्तों, रीसाइक्लिंग में प्लास्टिक को छोटे छोटे ब्लाक में तोड़कर उनसे नये नये पदार्थ बनाये जाते हैं और इस्तेमाल किये जाते है। इससे प्लास्टिक के कचरे को दोबारा उपयोग करने लायक बना दिया जाता है।

निष्कर्ष 

तो दोस्तों, ये सच है कि प्लास्टिक हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है और यह पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है लेकिन पुनः उपयोग, कम करना और रीसाइकल के सिद्धांतों से प्लास्टिक अपशिष्ट का अच्छे से प्रबंध किया जा सकता है। तो अब समय आ गया है कि हम प्लास्टिक अपशिष्ट को खत्म करके अपनी धरती को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की ओर कदम बढ़ाए। 

"धरती और पर्यावरण को है बचाना, 
तो प्लास्टिक को फेंकना नहीं पुनः उपयोग में लाना।"



प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को कम करने के सिद्धांत


प्लास्टिक एक सर्वव्यापी पदार्थ ओ मारी भूमि और महालागरी में कैलकर उन्हें पुषित करता है और हमारे स्वास्थय संबंधी तनाव में इजाफा करता है। मास्टिक का उपींग वर्तमान में चल रही स्वास्थय आपातकाल जैसी स्थिति के कारण बढ़ गया है क्योंकि दस्ताने , 

भारत से लेकर बॉडी सूट तक से प्लास्टिक प्रोटेक्शन गियर कॉविड - महत्वपूर्ण भूमिका अवश्य निना रहे है लेकिन अगर इस गैडिकल कचरे की ठीक से नियन्तित प्रधित नहीं किया गया तो यह हमारे शहरों के कूड़े के पहाडो' की संख्या में पाफा ही कारगा ! अब प्लास्टिक का उत्णयन किया जाता तों से जीन और विनाइल हाइड्रोक्लोराइड जैसे टोठिसक सामग्री से बनाया जाता है इन रसायनी का उपयोग कसर का कारण बन सकता है ।

 अत: आप के समय में ही बंद और इसके लिए बैहर उपाय किया जाए। प्लास्टिक की  का पूरा किस्सा पुनर्चका . पुन: उपयोग और असायकल असे शटयों में सन्निहित है। हालांकि यह बात अलग है कि इसका अर्थ सबकी समझ से परे है। किंतु उद्योग जगत में एक लार किर नीति निर्माताओं को यह समझाने में कामयाबी हासिल कर ली कि स्टिक कचरा कोई समस्या नही है कि हम लगभग हर चीज को पुन: उपयोग कर सकते हैं। 

उदाहरण शीतल, पेय पदार्य की प्लास्टिव) की बोती की पिक्षमा कर उसे हास्टिक की कुर्सियों या मनों के रूप में ढाला अगर घ्य चाटे तो पुनर्चक्र०घर से भी शुरू कर सकते हैं भदि आप अपने पुराने उत्पाद की फेकना नहीं चाहें तो इसके बनाय आप इससे कुछ नया उपयोग कर रहे , तो आप वास्तव यह आवश्यक आता है कि प्लास्टिक का प्रचलन 49 जा सकता है। मे पुचकारण कर रहें हैं। शैसाइक्लिंग की गदद से पृथ्वी का कचरा कम होग है इसका एक अन्य कारण यह ", 

कि चीनी को बनाने में उपयोग की जाने वाली कच्ची सामग्री और अली की मात्रा में कम खपत होती है । पुनः चक्रण का अर्थ है कि हम प्लास्टिक , कागण , काँच, धातु की वस्तु तथा ऐमैं ही पार्टी का पुनःचन करले उपयोगी वस्तुर बना सकते हैं। अब तक अति आवश्यक गौं इन वस्तुओं का नया उत्पायन विवेकपूर्ण नहीं है। 

अतः प्लास्टिक पृषण को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कयम यह है कि में प्लास्टिक के उपर्योग से बचना चाहिए। क्योंकि प्राकृतिक सुंदरता मारे लिए एक विरासत हैं । हम भनी प्रकृति का एक हिस्सा है और यह भारी जिम्मेदारी है कि, हम कचरे के खतरनाक प्रभावों से प्रकृति को कैसे बचाएं। प्रकृति को बचाने के लिए कच्चे को जग उत्पन्न करे और उसके प्रधान पर ज्यादा ध्यान दे । 




 THANK YOU SO MUCH 


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